Tuesday 28th Jun 2022
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बंगाल में है देश का एकमात्र चाइनीस काली मंदिर जहां मां को भोग में चढ़ाया जाता है ‘नूडल्स’

बंगाल में है देश का एकमात्र चाइनीस काली मंदिर जहां मां को भोग में चढ़ाया जाता है ‘नूडल्स’

पश्चिम बंगाल में कई देवी-देवताओं के मंदिर है, परंतु काली माता की भक्ति के लिए बंगाल पहचाना जाता है। यहां मां काली के अलग-अलग स्वरूपों के कई मंदिर देखने को मिलते हैं। लेकिन इन सबके बीच यहां देश का एकमात्र चाइनीस काली मंदिर है जहां हिंदू धर्म को मानने वालों के साथ ही बड़ी संख्या में चाइनीस और बौद्ध धर्म के अनुयायी भी पूजा-अर्चना करने आते हैं।

इस मंदिर से जुड़ी एक खास बात यह भी है कि यहां प्रसाद के तौर पर भक्तों को नूडल्स दिए जाते हैं। इस मंदिर को चीनी काली मां मंदिर के नाम से भी जाना जाता हैं।

चाइनीस काली मंदिर कोलकाता शहर से 12 किलोमीटर की दूरी पर टांग्रा में स्थित है। इस क्षेत्र को चाइना टाउन के नाम से भी जाना जाता है। आपको बता दें कि लगभग 60 साल पहले इस स्थान पर मां काली का कोई मंदिर नहीं था।

एक पेड़ के नीचे दो काले पत्थर थे जिन्हें लोग देवी का प्रतीक मानकर उसकी पूजा करते थे। लगभग 12 साल पहले इस जगह पर मंदिर का निर्माण कर मां काली के दो प्रतिमाओं को स्थापित किया गया है।

एक दिन एक चीनी दंपत्ति के 10 साल के बेटे की तबीयत बेहद खराब हो गई थी। कई जगह इलाज कराने के बावजूद भी उसकी हालत दिन पर दिन बिगड़ती जा रही थी। इसके बाद वह दंपत्ति पेड़ के नीचे बैठकर रातभर भगवान से बच्चे को बचाने की प्रार्थना करने लगे।

जिसके कुछ दिन बाद चमत्कार हुआ और बच्चा बिल्कुल स्वस्थ हो गया। इसके बाद लोगों में इस जगह को लेकर आस्था बढ़ी और बाद में कुछ चीनी परिवारों ने मिलकर इस मंदिर का निर्माण करवाया।

इस मंदिर को उदारता का प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है। इस मंदिर की सबसे दिलचस्प बात यह है कि मां काली को प्रसाद में चाइनीस व्यंजन का ही भोग लगाया जाता है। न्यूडल्स, चोपसी, चावल और सब्जियों के व्यंजन यहां के प्रमुख प्रसाद है।

इस मंदिर में सभी हिन्दू नियमों का पालन किया जाता है। इस मंदिर में आने वाले सभी भक्त मंदिर परिसर में ही हाथ से बने पेपर को जलाते हैं क्योंकि इसके पीछे मान्यता है कि ऐसा करने से बुरी आत्माएं उनसे दूर रहती है।