Thursday 20th Jun 2024
कोलकाता

कोलकाता के डॉक्टरों ने रांची के एक गंभीर कोरोना संक्रमित मरीज को नवजीवन प्रदान किया

कोलकाता के डॉक्टरों ने रांची के एक गंभीर कोरोना संक्रमित मरीज को नवजीवन प्रदान किया

कोरोना संक्रमण के प्रकोप से पूरी दुनिया परेशान है। कोरोना ने लोगों के आर्थिक और मानसिक स्थिति को झकझोर कर रख दिया है। वहीं इस संक्रमण से लड़ने के लिए कई ऐसे लोग हैं जो भगवान बन कर हमारे जीवन में आए हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है। कोरोना संक्रमण के कारण 64 दिनों तक अस्पताल में जूझ रहे रांची का एक व्यक्ति को कोलकाता के डॉक्टरों ने नवजीवन प्रदान किया है।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि रांची, झारखंड के निवासी गणेश प्रसाद जिनकी उम्र 63 साल है वो 30 अप्रैल को कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद रांची के एक नर्सिंग होम में उनका इलाज चल रहा था, जहां उनकी हालत तेजी से बिगड़ती जा रही थी। एनआइवी के प्रतिलाभ के कोई संकेत नजर नहीं आ रहा थे। जिसके बाद उन्हें बाइपैप पर रखा गया था। हालत और गंभीर होने पर उनके बेटे राहुल कुमार ने आमरी अस्पताल ढाकुरिया में संपर्क किया और उन्हें कोलकाता लाने का फैसला किया गया।

वहीं, परिवार ने वेंटिलेशन पर रखते हुए 20 मई को उन्हें कोलकाता लाने के लिए एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की लेकिन फ्लाइट में उनकी हालत और गंभीर हो गई और उनका ऑक्सीजन स्तर 50 तक गिर गया। डॉक्टर सोहम मजूमदार, एकमो विशेषज्ञ और मरीज के पर्यवेक्षण चिकित्सक के नेतृत्व में एएमआरआई मेडिकल टीम ने उन्हें कोलकाता हवाई अड्डे से पूर्ण वेंटिलेटर समर्थन पर अस्पताल लाया गया और वहां तुरंत ही उनको एकमो पर रखा गया।

आपको बताते चलें कि मरीज गणेश प्रसाद 19 दिनों तक एकमो के सहारे और 42 दिनों तक वेंटिलेटर के सहारे पर रहने के बाद उन्हें 10 जुलाई को उन्हें डिस्चार्ज किया गया है। इधर, आमरी अस्पताल के डॉक्टर सोहम मजूमदार, सलाहकार, क्रिटिकल केयर का कहना है कि पूरे भारत में एकमात्र कोरोना रोगी है, जो कि एकमो सहित वेंटिलेटर के क्रिटिकल केयर सपोर्ट पर इतने लंबे समय तक रहे है।